Paigambar Yakoob Ki Puri Kahani in Hindi

 


अस्सलामवालेकुम दोस्तों आज मैं आपके सामने एक बहुत बड़े पैगंबर के बारे में बताऊंगा मैं पैगंबर है पैगंबर याकूब अलेहसलाम तो बिना किसी देरी के चली शुरू करते हैं कहानी पैगंबर याकूब की

 

क्या तुम्हें वह फरिश्ते याद है जो पैगंबर इब्राहिम के घर पर गए थे उन्हीं फरिश्तों ने बताया था कि सारा बूढ़े होते हुए भी मां बनेंगी फरिश्ते द्वारा की गई बहुत जल्दी साबित हो गई और पैगंबर के घर एक संतान पैदा हुई पैगंबर इब्राहिम ने उसका नाम इशहाक रखा पैगंबर इब्राहिम का यह बेटा बड़ा होकर पैगंबर बना ! पैगंबर इशहाक ने रुबैका से शादी की और उनकी जुड़वा संतान हुई ! पैगंबर इशहाक ने उनको नाम दिया ईसाऊ और याकूब बड़ा बेटा ईसाऊ बड़ा होकर एक ताकतवर इंसान बना और वह एक अच्छा शिकारी भी था पर याकूब एक बुद्धिमान व्यक्ति थे और अपने पिता के प्यारे भी दोनों भाई एक दूसरे से बहुत झगड़ा करते थे ईसाऊ को यह बात अच्छी नहीं लगती थी कि उनके पिता सिर्फ याकूब को चाहते हैं जब वह बड़ा हुआ तो उसमें जलन बढ़ती चली गई उम्र बढ़ने के साथ-साथ पैगंबर इशहाक की आंखें कमजोर होता चला गया और वह काफी कमजोर भी होते चले गए फिर पैगंबर को एहसास हुआ कि वह बहुत जल्दी इस दुनिया को छोड़ने वाले हैं पैगंबर की आखिरी इच्छा मांस खाने की हो रही थी इसलिए उन्होंने अपने बड़े बेटे से शिकार करने के लिए कहा ईसाऊ यह बात मान गया और शिकार करने के लिए निकल गया ! पिता और पुत्र की है बात मां रुबैका ने भी सुन ली वह अपने छोटे बेटे के पास दौड़ी जो उन्हें सबसे ज्यादा प्यार करता था फिर मां ने अपने बेटे याकूब से कहा कि बेटा अपनी भेड़ों के झुंड में से भेड़े निकालो और उसको इस तरह काटो और इस तरह बनाओ कि तुम्हारे पिता को वह अच्छा लगे याकूब ने वैसा ही किया जैसे उनकी मां ने कहा था !

 

मां ने अपने बेटे से कहा के तुम ईसाऊ के कपड़े पहन लो ताकि तुम्हारे बदन से ईसाऊ की महक आने लगे फिर अपनी मां के कहने पर याकूब ने भेड़ की खाल पहली ऐसा उन्होंने मां के कहने पर किया था क्योंकि ईसाऊ के शरीर पर बहुत बाल थे और उनकी मां ने उन्हें ईसाऊ की तरह बात करने के लिए भी कहा याकूब अपने पिता के कमरे में गए पैगंबर इशहाक ने कहा तुम कौन हो फिर पैगंबर इशहाक ने खाना खाना शुरु कर दिया फिर पैगंबर ने याकूब को दुआ दी कि वह एक अच्छे भाई बने और लोगों को अल्लाह का संदेश सुनाएं दुआ मिलने के बाद वह कमरे से बाहर चले गए उसके कुछ समय बाद ईसाऊ मांस के साथ कमरे में दाखिल हुआ पैगंबर ने ईसाऊ के पैरों की आवाज सुनकर पूछा यह क्या है बेटा ! बेटे ने कहा मैं आपका पसंदीदा मास लेकर आया हूं पैगंबर यह सुनकर उलझन में पड़ गए क्योंकि वह थोड़ी देर पहले ही मांस खा चुके थे और वह तो ईसाऊ हि लाया था ! पैगंबर ने यह अपने बेटे ईसाऊ से बताई यह बात सुनकर ईसाऊ बहुत क्रोधित हुआ और वह याकूब को जान से मार देना चाहता था जब मा नी है देखा की ईसाऊ अपने भाई याकूब को मारने के लिए निकल चुका है तो मां याकूब के पास गए याकूब से कहा कि तुम अपने भाई लबान के पास चले जाओ हरन में रह रहा है ! मां ने याकूब से कहा कि तुम जब तक वापस ना आना जब तक तुम्हारा भाई का गुस्सा शांत नहीं हो जाता याकूब ने अपनी मां की बात को माना अपने दूसरे भाई के पास चला गया !

याकूब कड़ी धूप में तपते रेगिस्तान में जा रहे थे एक शाम वह चलते-चलते बहुत थक गए थे और उन्होंने आराम करने का फैसला किया और उन्होंने अपना सर पत्थर पर रखा और सो गए उस रात उन्होंने एक सपना देखा उन्होंने जमीन से स्वर्ग सीढ़ियां देखी और उन्होंने उन सीढ़ियों से फरिश्तों को आते जाते देखा जब है जागे तो उन्हें हुआ कि यह कोई साधारण सपना नहीं था उन्हें पता चल गया कि सच में उन पर अल्लाह का हाथ है उन्होंने फैसला किया कि अगर वह कभी अपने घर लौटेंगे तो वह इस जगह पर एक मस्जिद का निर्माण करेंगे इसी के साथ साथ अपनी जायदाद का दसवां भाग अल्लाह पाक पर खर्च करने का निर्णय लिया और जिस पत्थर को उन्होंने अपने सर के नीचे लगाया था उस पत्थर को उन्होंने वही निशानी के तौर पर गाड़ दिया कि अगर वह कभी लौटे तो उन्हें यह जगह याद रहे और उन्होंने उस पर तेल डाल दिया और आज यह जगह जेरूसलम के नाम से जानी जाती है फिर याकूब वापस अपनी यात्रा पर निकल गए ! पैगंबर याकूब अपने मामा लबान से मिले और उन्हें अपना परिचय दिया जब लबान को पता चला कि वह उनके बहन के बेटे हैं तो वह बहुत खुश हुए और अपने घरवालों से मिलाया जिसमें उनकी दो बेटियां भी शामिल थी जिनका नाम था लिया और रेचल !

 

पैगंबर याकूब को आराम करना पसंद नहीं था इसी वजह से उन्होंने काम करने की सोची और उन्होंने अपने मामा के लिए दिन रात मेहनत करना शुरू कर दी ! पैगंबर याकूब को अपने मामा की छोटी बेटी पसंद थी क्योंकि वह काफी नेक और अच्छी लड़की थी तो पैगंबर ने अपने मामा के सामने उनकी छोटी बेटी से शादी करने की उम्मीद जाहिर की मामा यह बात सुनकर बहुत खुश हो गए लेकिन उन्होंने यह शर्त रखी कि तुम 7 सालों तक मेरे यहां काम करोगे फिर मैं अपनी बेटी की शादी तुम्हारी साथ कर दूंगा पैगंबर यह बात मान गए और अगले 7 सालों तक पैगंबर जी तोड़ मेहनत करते रहे पैगंबर की मेहनत का फल मामा लावान को मिला और वह बहुत जल्दी अमीर हो गए 7 साल बीत चुके थे और वादे के अनुसार लावा ने अपनी बेटी की शादी पैगंबर याकूब से कर दी उन्होंने खाने की व्यवस्था की और सभी लोगों को बुलाया लेकिन मामा लावान ने धोखा किया और अपनी छोटी बेटी की बजाय बड़ी बेटी की शादी याकूब से कर दी पैगंबर याकूब को यह बात मालूम नहीं थी लेकिन सुबह होने के बाद उन्हें यह बात पता चली फिर पैगंबर अपने मामा के पास गए और उनसे कहा कि आपने मेरे साथ धोखा किया है आपने तो मेरी शादी अपनी छोटी बेटी से करने के लिए की थी पर आपने तो मेरी शादी अपनी बड़ी बेटी से करा दी

जवाब में मामा लावान ने कहा कि हमारे यहां यह रिवाज नहीं है की छोटी बेटी की शादी बड़ी बेटी से पहले कर दी जाए फिर मामा ने कहा की अगर अभी भी तुम मेरी छोटी बेटी से शादी करना चाहते हो तो तुम्हें और साल काम करना पड़ेगा फिर पैगंबर इस बात पर मान गए और 7 साल तक कड़ी मेहनत की और फिर 7 साल बाद उनकी शादी छोटी बेटी से भी हो गई और वे खुशी से अपने जीवन बिताने लगे !

 

 

 

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